PENinterest
Friday, 1 September 2017
Tere Liye
यादों के पन्नों में जब खोए हम
लिख दी पूरी किताब सिर्फ तेरे लिए
ख्वाबों के साये में ऐसे सोए हम
ये अश्क का सैलाब सिर्फ तेरे लिए
सुबह शाम दिन और रात
लिखता हूँ न रुकता हूँ
हाँ मैं बेशरम सरेआम सिर्फ तेरे लिए |
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